राहु ने बनाया था नरेंद्र मोदी को पीएम, अब केतु करने जा रहा बड़ा खेल, जानिए क्या कहते हैं सितारे

Category : बोलते तारे | Sub Category : ग्रहों की चाल Posted on 2019-03-26 15:44:24


राहु ने बनाया था नरेंद्र मोदी को पीएम, अब केतु करने जा रहा बड़ा खेल, जानिए क्या कहते हैं सितारे


मोहित पाराशर

नई दिल्ली। इन दिनों भारत में ज्यादातर लोगों के मन में यही सवाल है कि देश में किसकी सरकार बनेगी या नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बनेंगे या नहीं। अगर बनेंगे तो चुनाव में जीत कितनी बड़ी होगी। ऐसे में हम नरेंद्र मोदी की कुंडली के ज्योतिषीय विश्लेषण से बताने जा रहे हैं कि चुनावी नतीजे उनके लिए कैसे रहेंगे और मोदी लहर की देश में कैसी स्थिति रहेगी। साथ ही उनकी कुंडली में कौन-कौन से योग हैं...


नोट-यह कुंडली नरेंद्र मोदी के उपलब्ध जन्म विवरण के आधार पर बनाई गई है।


नीच भंग राजयोगः जितने मुश्किल हालात उतनी बड़ी सफलता

नरेंद्र मोदी की कुंडली वृश्चिक लग्न की है, जिसमें नीच के चंद्रमा के साथ खुद लग्नेश मंगल विराजमान हैं। नीच का चंद्रमा कुंडली के केंद्र में बृहस्पति की पोजिशन के कारण नीच भंग राजयोग बना रहा है और लग्न में मंगल की स्थिति चार चांद लगा रही है।

हालांकि नीच भंग राजयोग जातक को कुछ भी आसानी से नहीं देता। यानी जितना ज्यादा संघर्ष, उतनी बड़ी सफलता। ऐसा नरेंद्र मोदी के जीवन से जाहिर भी होता है।


2014 में कैसे बने पीएम

नवंबर, 2011 में नरेंद्र मोदी की चंद्रमा की महादशा प्रारंभ हुई और गोधरा कांड (2002) के चलते उस दौर में मोदी पर शिकंजा कसता जा रहा था। उनके कुछ मंत्री अदालतों के चक्कर काट रहे थे। संभवतः चंद्रमा की महादशा में 2013 में मोदी के बीजेपी की तरफ से प्रधानमंत्री पद का प्रत्याशी घोषित करने की चर्चाएं शुरू हो गई थी। हालांकि इसके लिए भी उन्हें पार्टी के बाहर से ही नहीं भीतर से भारी विरोध का सामना करना पड़ा। 

इस बीच अप्रैल, 2013 में चंद्रमा में राहु की अंतर्दशा शुरू हुई। कुंडली में राहु पंचम भाव यानी मीन राशि में विराजमान है और उसका डिपॉजिटर बृहस्पति केंद्र (चौथे भाव) में स्थित है। चंद्रमा में राहु की अंतर्दशा अक्टूबर, 2014 तक रही और इसी दिशा में मोदी की पीएम पद पर ताजपोशी हुई, वह भी बीजेपी की ऐतिहासिक जीत के साथ।


अब केतु कर सकता है बड़ा खेल

अब वर्ष 2019 में चुनाव होने जा रहे हैं और चंद्रमा की ही महादशा चल रही है। फरवरी, 2019 में चंद्रमा में केतु की अंतर्दशा शुरू हो चुकी है। केतु खुद एकादश भाव यानी कन्या राशि में विराजमान हैं। केतु एकादश भाव में अच्छे फल देता है। कन्या राशि के स्वामी बुध की स्थिति भी वहीं है। बुध कन्या राशि में उच्च का होता है, ऐसे में केतु की स्थिति काफी मजबूत है। एकादश भाव प्रतिष्ठा का भाव है, ऐसे में वर्ष 2019 नरेंद्र मोदी की देश-दुनिया में प्रतिष्ठा और बढ़ने के संकेत हैं।


मोदी की कुंडली में है ये योग

रूचक पंच महापुरुष योगः मंगल की केंद्र में स्वराशि (वृश्चिक) में स्थिति से यह पंच महापुरुष योग बनता है। 

गज केसरी योगः चंद्रमा से केंद्र में बृहस्पति की स्थिति से गजकेसरी योग बनता है।

चंद्र-मंगल योगः चंद्रमा के साथ मंगल की युति से यह योग बनता है। हालांकि ऐसे व्यक्ति के अपने संबंधियों और माता से अच्छे संबंध नहीं होते हैं।।

-इसके अलावा बुध आदित्य योग, मूसल योग भी बन रहे हैं।


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्म विवरण

जन्मतिथि- 17 सितंबर 1950, रविवार

जन्म समय- 11:00 बजे

जन्मस्थान- मेहसाणा (गुजरात)


Leave a Comment: