Category : बड़ी खबर | Sub Category : नेशनल Posted on 2025-02-16 09:26:55
64 साल पुराने आयकर कानून 1961 को अधिक सरल, प्रभावी और प्रासंगिक बनाने के उद्देश्य से वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार को लोकसभा में नया इनकम टैक्स बिल 2025 पेश किया। इस विधेयक के तहत मौजूदा कानून की जटिलताओं को दूर करने और अनावश्यक प्रावधानों को हटाने पर विशेष ध्यान दिया गया है। इसमें 24 अध्याय और 2.52 लाख से अधिक शब्दों की कटौती की गई है। साथ ही, 283 धाराओं को समाप्त कर दिया गया है, जबकि 39 नए टेबल और 46 फॉर्मूले जोड़े गए हैं।
बिल को पेश किए जाने के दौरान विपक्षी दलों ने आपत्ति जताई, लेकिन ध्वनि मत से इसे मंजूरी मिल गई। वित्त मंत्री ने इस विधेयक को लोकसभा में रखते हुए इसे एक महत्वपूर्ण सुधार बताया। सरकार ने इस बिल को और अधिक व्यापक समीक्षा के लिए संसद की प्रवर समिति (सेलेक्ट कमेटी) के पास भेजने की सिफारिश की है। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला द्वारा गठित यह समिति आगामी मानसून सत्र के अंत तक अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी।
यह नया आयकर विधेयक 2025, वर्ष 1961 के मौजूदा आयकर कानून की जगह लेगा और इसे अप्रैल 2026 से लागू करने का प्रस्ताव है। इस विधेयक को तैयार करने के दौरान न केवल भारतीय उद्योग जगत और टैक्स विशेषज्ञों की राय ली गई, बल्कि ऑस्ट्रेलिया और ब्रिटेन के कर कानूनों का भी अध्ययन किया गया, ताकि इसे आधुनिक और प्रभावी बनाया जा सके।