Category : बड़ी खबर | Sub Category : खेल Posted on 2020-02-10 07:13:20
साल 2020 आईसीसी अंडर-19 वर्ल्ड कप के फाइनल में बांग्लादेश के सामने खेलते हुए भारत को हार का सामना करना पड़ा था। पहली बार इस टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंची बांग्लादेशी टीम ने चार बार की चैंपियन टीम को रोमांचक मुकाबले में तीन विकेट से मात दी। रविवार को साउथ अफ्रीका के पोटचेफ्सट्रूम में खेले गए फाइनल में भारतीय टीम 177 रनों पर ऑल आउट हो गई और बांग्लादेश ने वर्षा बाधित संशोधित लक्ष्य, 170 को सात विकेट खोकर हासिल कर लिया। अब सवाल यह है कि 2016 के फाइनल में हार के बाद इस टूर्नमेंट में अजेय रही 2018 की चैंपियन टीम आखिर फाइनल में क्यों फिसल गई । देखिए, क्या रहे भारत की हार के कारण।
सातवें ओवर में 9 रन की बजाए कम से कम 25-30 रन बने होते तो शायद नतीजा और ही होता
इस अहम मुकाबले में भारतीय ओपनर्स को देखकर ऐसा लगा कि उन्होंने अपने ऊपर अतिरिक्त दबाव बना लिया है। यशस्वी खुल कर नहीं खेले और दिव्यांश सक्सेना भी सहमे हुए नजर आए। 7वें ओवर में जब सक्सेना आउट हुए तब भारत के खाते में सिर्फ 9 ही रन थे। अगर पहले विकेट के लिए सात ओवर में 9 रन की बजाए कम से कम 25-30 रन बने होते तो शायद नतीजा और ही होता।
50 गेंदों तक एक भी बाउंड्री नहीं लगी
बीच के ओवर्स में भारतीय बल्लेबाज बाउंड्री को तरस गए, जिसका असर रनगति पर पड़ा। यशस्वी के मैदान पर होने के बावजूद लगातार 50 गेंदों तक एक भी बाउंड्री नहीं लगी। 25वें ओवर में जाकर यह सूखा समाप्त हुए। ऐसा नहीं था कि भारत के विकेट गिर चुके थे। तब तक केवल एक ही विकेट गिरा था, यानी बल्लेबाज रन बनाने की कोशिश ही नहीं कर रहे थे, जिसका खामियाजा खिताब गंवा कर चुकाना पड़ा।
अंतिम 6 विकेट महज 21 रन के एवज में गिर गए
अभी तक टूर्नामेंट में भारतीय लोअर ऑर्डर को बल्लेबाजी की ज्यादा जरूरत नहीं पड़ी थी। ओपनर्स और मिडल ऑर्डर ने ही विपक्षी टीम को संभाल लिया था, लेकिन इस मैच में लोअर ऑर्डर को भी मौका मिला, लेकिन वे रन बनाने में नाकाम रहे। भारत ने अपना चौथा विकेट 156 के स्कोर पर गंवाया। अगर इसके बाद के बल्लेबाजों ने जरा भी देर क्रीज पर वक्त बिताया होता शायद टोटल 220 के पार जा सकता था। जिसे हासिल करना बांग्लादेश के लिए कतई आसान नहीं होता। लेकिन भारत के अंतिम 6 विकेट महज 21 रन के एवज में गिर गए, जिसका असर टोटल पर पड़ा।
पेसर्स अपनी लाइन से भटके-भटेक नजर आए
फाइनल में पहुंचने तक भारतीय बोलिंग डिपार्टमेंट खासकर पेस डिपार्टमेंट ने अपनी खास छाप छोड़ी। भारतीय बोलर्स ने गति के साथ-साथ सटिक लाइन-लेंथ से विपक्षी बल्लेबाजों को पस्त किया था, लेकिन फाइनल में यही पेसर्स अपनी लाइन से भटके-भटेक नजर आए। हो सकता है अतिरिक्त प्रयास के चक्कर में उनकी दिशा बिगड़ गई। इस कारण एक्स्ट्राज का ढेर लग गया। भारत ने इस फाइनल मुकाबले में 33 अतिरिक्त रन दिए, जिसमें 19 वाइड रही। बांग्लादेश की पारी में यह तीसरा हाईएस्ट स्कोर रहा।
भारतीय टीम ने कुछ आसान से कैच भी छोड़े
भारतीय टीम ने कुछ आसान से कैच भी छोड़े। इनमें से एक तो बांग्लादेश के कप्तान अकबर अली का भी था जो भारतीय टीम को बहुत भारी पड़ा। अकबर ने फिर संयम दिखाया और अपनी टीम को मुश्किल वक्त से निकालकर जीत दिलाई।
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