Category : बड़ी खबर | Sub Category : नेशनल Posted on 2020-02-04 15:55:07
भाजपा और कांग्रेस ने दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी द्वारा मंगलवार को जारी किये गये घोषणापत्र को खोखले वादों का पिटारा एवं पिछले चुनावी वादों की रिपैकेजिंग करार दिया। दिल्ली भाजपा के अध्यक्ष मनोज तिवारी ने यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा कि आप का घोषणापत्र झूठ का पुलिंदा है। उन्होंने कहा, यह घोषणापत्र किसी चर्चा के लायक नहीं है क्योंकि इसमें वही पुराने वादे हैं जो 2015 के विधानसभा चुनाव के दौरान आप के घोषणापत्र में थे और कुछ बिंदु भाजपा के संकल्प पत्र से नकल किये गये हैं।
आप ने आठ फरवरी को होने जा रहे विधानसभा चुनाव के लिए मंगलवार को घोषणापत्र जारी किया और उसमें उसने उत्तम शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छ पानी, 24 घंटे बिजली और दिल्ली के सरकारी विद्यालयों में देशभक्ति पूर्ण पाठ्यक्रम का वादा किया। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और श्रम मंत्री गोपाल राय की उपस्थिति में 28 सूत्री गारंटी कार्ड के रूप में जारी किये गये पार्टी के घोषणापत्र में घर तक राशन की आपूर्ति, दस लाख वरिष्ठ नागरिकों को मुफ्त तीर्थाटन, ड्यूटी के दौरान मौत होने पर सफाई कर्मचारी को एक करोड़ रूपये मुआवजे का वादा किया गया है।
केंद्रीय मंत्री हर्षवर्धन ने आरोप लगाया कि केजरीवाल की पार्टी ने अपनी वेबसाइट से पुराना घोषणापत्र हटा दिया था ताकि वह दिल्ली के लोगों को ठग सके। उन्होंने कहा, उसके द्वारा किये गये 70 में से एक भी वादा पूरा नहीं किया गया इसलिए 2020 के घोषणापत्र में भी पुराने कुछ वादों को लिखा गया है। दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष सुभाष चोपड़ा ने आप के घोषणापत्र को मतदाताओं को लुभाने के लिए खोखले वादों का पुलिंदा करार दिया। राष्ट्रीय राजधानी के सत्तारूढ़ दल पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि ऐसी कौन सी स्थितियां थीं जो आप को विधानसभा में पूर्ण बहुमत के बावजूद पिछले वादों को पूरा करने से रोके रहीं?
उन्होंने कहा, अब ऐसी कौन सी नयी स्थितियां हैं जिसने आप को उन्हीं वादों को दोहराने और यह कहने के लिए के लिए प्रेरित किया कि वह अगले पांच सालो में उन्हें पूरा कर देगी। उन्होंने कहा, आप जन लोकपाल का वादा कर सत्ता में आयी लेकिन उसने इस पर पिछले पांच सालों में कुछ नहीं किया। इसी तरह, दिल्ली स्वराज विधेयक भी आप के 70 सूत्री घोषणापत्र का एक झूठा वादा था लेकिन उसने इसके लिए कोई पहल नहीं की।
कमाई करो कोट