Category : बड़ी खबर | Sub Category : नेशनल Posted on 2020-02-01 05:29:34
बजट 2020 पेश करने से पहले परंपरा का पालन करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) और उनकी पूरी टीम ने शनिवार को राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द (Ramnath Kovind) से मुलाकात की। इस दौरान उनके साथ वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर भी मौजूद थे। इस बार भी लाल कपड़े में बंधे बजट से लोगों को उम्मीद है। सीतारमण ने बीते साल 2019 के बजट पेश करने से पहले बजट को बही खाता का मान दिया था।
राष्ट्रपति से अनुमोदन मिलने के बाद अब यह बजट मंत्रिमंडल से मंजूरी पाएगा जिसके बाद यह संसद (Parliament) में पेश होगा। बजट बनाने में वित्त मंत्री की टीम में पांच खास लोग हैं, जिन्हें हम बजट का मास्टरमाइंड भी कह सकते हैं।
Finance Secretary राजीव कुमार
वित्त मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी राजीव कुमार बैंकिंग सुधार में कड़े फैसले के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने बैंकों के रिकैपिटलाइजेशन के लिए बैंकों के विल पर काम किया। माना जा रहा है कि इस बार के बजट में वह बैंकिंग सेक्टर को संकट से निकालने के साथ ही क्रेडिट ग्रोथ पर भी काम करेंगे।
Economic Affairs Secretary अतुन चक्रवर्ती
बीते साल जुलाई में कार्यकाल संभालने वाले अतुन सरकारी संपत्ति बिक्री के एक्सपर्ट माने जाते हैं। कार्यकाल संभलाने के बाद इकॉनमी की स्पीड पांच फीसदी से नीचे आ गई लेकिन उनकी अगुवाई वाली टीम ने विकास को पटरी पर लगाने के लिए एक ट्रिलियन से ज्यादा का इंफ्रा प्लान तैयार किया।
Expenditure Secretary टीवी सोमनाथनहाल
Expenditure Secretary टीवी सोमनाथनहाल ही में वित्त मंत्रालय का हिस्सा बने टीवी सोमनाथन पहले पीएमओ में काम चुके हैं। ऐसे में उन्हें यह पता होगा पीएम नरेंद्र मोदी कैसा बजट चाहेंगे। सोमनाथन पर जिम्मेदारी है कि वे सरकारी खर्च को ऐसे मैनेज करें कि फिजूल खर्च में कमी आए और मांग को बढ़ावा मिले।
Revenue Secretary अजय भूषण पांडे
अजय भूषण पांडे पर जिम्मेदारी है कि वह संशाधन बढ़ाएं। माना जाता है कि वह ऐसे अफसर हैं जिन पर ज्यादा दबाव है क्योंकि सुस्ती के माहौल में रेवेन्यू कलेक्शन कम हुआ है। माना जा रहा है कि वह डायरेक्ट टैक्स कोड के कुछ प्रस्तावों पर अपनी छाप छोड़ सकते हैं।
Disinvesment Secretary तुहीन कान्ता पांडे
तुहीन कान्ता पांडे पर एयर इंडिया की बिक्री की जिम्मेदारी है। इसके साथ ही अन्य सरकारी कंपनियों के विनिवेश की भी जिम्मेदारी तुहीन कान्ता पांडे पर ही है ताकि सरकार की आमदनी बढ़े। इस वित्तीय वर्ष में 1.05 लाख करोड़ का टारगेट पूरा नहीं हुआ है और फिलहाल इसके पूरा होने के आसार बहुत कम हैं। ऐसे में अगले वित्तीय वर्ष में तुहीन कान्ता पांडे के सामने बड़ी चुनौती होगी।
कमाई करो कोट