Category : मनी टिप्स | Sub Category : पैसे चाहिए Posted on 2020-01-11 06:17:26
किसानों से कैमिकल और पेस्टिसाइड का कम इस्तेमाल करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने कई बार सलाह दी है। आर्गेनिक खेती (Organic Farming) को बढ़ावा देने पर उनकी सरकार लगातार जोर दे रही है। लेकिन ज्यादातर किसानों को इसे लेकर कोई ठोस जानकारी नहीं है कि आखिर आर्गेनिक खेती कैसे होगी। उसके लिए सर्टिफिकेट कहां से मिलेगा और इसका बाजार क्या है? ऐसी खेती के लिए जरूरी चीजें कहां से मिलेंगी। इन सवालों का जवाब अब एक ही जगह मिलेगा।
सरकार ने किसानों की सहूलियत के लिए जैविक खेती पोर्टल विकसित किया है, जिसकी आप मदद ले सकते हैं। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के मुताबिक केंद्र सरकार परंपरागत खेती को बढ़ावा देने के लिए 2015-16 से 2019-20 तक 1632 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं।
सरकार ने आर्गेनिक खेती को बढ़ावा देने के लिए PKVY (Paramparagat Krishi Vikas Yojana) बनाई है। जिससे आपको प्राकृतिक खेती के लिए प्रति हेक्टेयर 50 हजार रुपये मिलेंगे।
केंद्र सरकार ने जैविक खेती प्रमोट करने के लिए सरकार ने परंपरागत कृषि विकास योजना (पीकेवीवाई) बनाई है. पीकेवीवाई (paramparagat krishi vikas yojana) के तहत तीन साल के लिए प्रति हेक्टेयर 50 हजार रुपये की सहायता दी जा रही है।
इसमें से किसानों को जैविक खाद, जैविक कीटनाशकों और वर्मी कंपोस्ट आदि खरीदने के लिए 31,000 रुपये (61 प्रतिशत) मिलता है।
मिशन आर्गेनिक वैल्यू चेन डेवलपमेंट फॉर नॉर्थ इस्टर्न रीजन के तहत किसानों को जैविक इनपुट खरीदने के लिए तीन साल में प्रति हेक्टेयर 7500 रुपये की मदद दी जा रही है।
स्वायल हेल्थ मैनेजमेंट के तहत निजी एजेंसियों को नाबार्ड के जरिए प्रति यूनिट 63 लाख रुपये लागत सीमा पर 33 फीसदी आर्थिक मदद मिल रही है।
पोर्टल पर कुल रजिस्ट्रेशन:
देश में 14.5 करोड़ किसान हैं, लेकिन जैविक खेती पोर्टल पर सिर्फ 2,10,327 ने रजिस्ट्रेशन करवाया है. इसके अलावा 7100 लोकल ग्रुप, 73 इनपुट सप्लायर, 889 जैविक प्रोडक्ट खरीदार और 2123 प्रोडक्ट रजिस्टर्ड हैं।
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