Category : मनी टिप्स | Sub Category : पैसे चाहिए Posted on 2019-12-23 05:29:39
कमाई करो न्यूज। केंद्र सरकार की किसान सम्मान योजना के तहत किसानों को 6000 रूपए का सालाना लाभ दिया जाता है। इस योजना के बारे में अधिक जानकारी ने होने पर कई बार किसान इस आर्थिक मदद से वंचित रह जाते हैं। इस स्कीम के तहत सालाना 6000 रुपये का लाभ लेने के लिए कुछ लोग गड़गड़ी करने लगे हैं। ऐसे लोग सतर्क हो जाएं। मोदी सरकार उन लोगों पर सख्त हो गई है जिन्होंने ऐसा किया है।
सरकार ने ऐसे 1,19,743 लोगों से हाल ही में पैसा वापस ले लिया है। लाभार्थियों के नामों एवं उनके बैंक खातों के दिए गए रिकॉर्ड मेल नहीं खा रहे थे। मतलब, बैंक अकाउंट (Bank Account) और खेत के मालिक के नाम के बीच बड़ा अंतर पाया गया। इसलिए पैसा वापस ले लिया गया। कृषि मंत्रालय के मुताबिक इन अकाउंट्स में बिना वेरीफिकेशन पैसा जमा हो गया था।
इस स्कीम का पैसा केंद्र सरकार के खाते से किसानों के बैंक अकाउंट में सीधे नहीं जा रहा। केंद्र सरकार राज्यों के अकाउंट में पैसा भेजती है फिर उस अकाउंट से किसानों तक पैसा पहुंचता है। सूत्रों का कहना है कि वेरीफिकेशन करने से पहले ही ऐसे 1.19 लाख बैंक अकाउंट 2000 रुपये की किश्त जमा हो गई थी। लेकिन जब डाटा का वेरीफिकेशन शुरू हुआ तो गलती पकड़ में आने लगी। सरकार की कोशिश है कि स्कीम का पैसा सही किसानों तक पहुंचे। यह बात अच्छी तरह से समझ लीजिए, अगर आप किसान नहीं हैं और सेटिंग करके गलत तरीके से इस स्कीम का फायदा उठा रहे हैं तो हर हाल में पैसे वापस करने होंगे। किसानों को इस बैंक में अपने खाते से जुड़ी अधिक जानकारी समय-समय पर लेते रहनी चाहिए, जिसे किसी वे किसी भी तरह के नुकसान से बच सकते हैं। साथ ही किसान सम्मान योजना के तहत मिलने वाली राशि का लाभ उठा सकते हैं।
जानें कौन लाभ का हकदार है और कौन नहीं?
केंद्र सरकार ने सभी किसानों के लिए पीएम-किसान स्कीम लागू दी है लेकिन कुछ लोगों को नियम व शर्तों का दायरे में भी लिया गया है। जिन लोगों के लिए शर्त लागू है वो यदि गलत तरीके से फायदा उठा रहे हैं तो आधार वेरीफिकेशन (Aadhar verification) में पता चल जाएगा।
सभी 14.5 करोड़ किसान परिवार इसके लिए पात्र हैं। पति-पत्नी और 18 वर्ष तक की उम्र के बच्चों को एक इकाई माना जाएगा। जिन लोगों के नाम 1 फरवरी 2019 तक लैंड रिकॉर्ड में पाया जाएगा वही इसके हकदार होंगे।
एमपी, एमएलए, मंत्री और मेयर को भी लाभ नहीं दिया जाएगा, भले ही वो किसानी भी करते हों। यदि इन्होंने आवेदन किया है तो पैसा नहीं आएगा।
मल्टी टास्किंग स्टाफ/चतुर्थ श्रेणी/समूह डी कर्मचारियों को छोड़कर केंद्र या राज्य सरकार में किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को लाभ नहीं मिलेगा। यदि ऐसे लोगों ने लाभ लिया तो आधार अपने आप बता देगा।
पेशेवर, डॉक्टर, इंजीनियर, सीए, वकील, आर्किटेक्ट, जो कहीं खेती भी करता हो उसे लाभ नहीं मिलेगा।
इनकम टैक्स देने वालों और 10 हजार से अधिक पेंशन पाने वाले किसानों को भी लाभ से वंचित रखने का प्रावधान है। यदि किसी आयकर देने वाले ने स्कीम की दो किश्त ले भी ली है तो वो तीसरी बार में पकड़ा जाएगा, क्योंकि आधार वेरीफिकेशन हो रहा है।
किसानों के लिए अहम योजना
खेती किसानी के विकास के लिए बनाई गई यह सबसे अहम योजना है। मोदी सरकार ने अपने पहले कार्यकाल में 24 फरवरी 2019 को गोरखपुर-यूपी से इसकी औपचारिक शुरुआत की थी। इसके तहत अब चौथी किश्त (दूसरे चरण की पहली किस्त) भी जानी शुरू हो गई है। देश के 2,73,00277 किसानों के बैंक अकाउंट में चौथी किस्त भी पहुंच गई, जबकि अब तक इस स्कीम से 8,46,14,987 किसानों को फायदा मिल चुका है।
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