बदल गए NEFT ट्रांजैक्शन और नंबर पोर्ट करने के नियम, जानें खास बातें

Category : बड़ी खबर | Sub Category : नेशनल Posted on 2019-12-16 06:54:23


बदल गए NEFT ट्रांजैक्शन और नंबर पोर्ट करने के नियम, जानें खास बातें


नई दिल्ली। 16 दिसंबर से बैंकिंग ट्रांजैक्शन और मोबाइल नंबर पोर्ट के कराने के नियम बदल गए हैं। लोगों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए इन नियमों को ज्यादा आसान बनाया गया है। RBI और TRAI द्वारा नियमों में जो बदलाव किए गए हैं उसके बारे विस्तार से समझते हैं।

एनईएफटी (NEFT) ट्रांजैक्शन की सेवा 24 घंटे के लिए शुरू हो रही है। पहले यह सेवा 24 घंटे के लिए नहीं थी। NEFT ऑनलाइन ट्रांजैक्शन का एक तरीका है, जिसमें आप एक समय में 2 लाख रुपये तक की रकम ऑनलाइन ट्रांसफर कर सकते हैं।

 

पहले ये थे नियम

पहले NEFT ट्रांजैक्शन का निस्तारण सामान्य दिनों में सुबह आठ बजे से शाम सात बजे के दौरान तथा पहले और तीसरे शनिवार को सुबह आठ बजे से दोपहर एक बजे तक घंटे के आधार पर किया जाता था। अब यह सुविधा 24 घंटे के लिए शुरू हो गई।

शुल्क पहले ही समाप्त

रिजर्व बैंक ने सभी बैंकों को नियामक के पास चालू खाते में हर समय पर्याप्त राशि रखने को कहा है ताकि एनईएफटी ट्रांजैक्शन में कोई समस्या नहीं हो। जानकारी के लिए बता दें कि NEFT और RTGS ट्रांजैक्शन पर शुल्क पहले ही समाप्त कर दिया गया है।

 

अब मोबाइल नंबर पोर्ट कराने में लगेगा कम समय

मोबाइल नंबर को पोर्ट कराने का तरीका अब बदलने वाला है। टेलिकॉम रेग्युलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (TRAI) नंबर पोर्ट करने के लिए नए नियम लागू करने वाली है। नए नियम के तहत नंबर पोर्ट करने के लिए यूनीक पोर्टिंग कोड जेनरेट करने की जरूरत पड़ेगी। 16 दिसंबर से नए नियम लागू होने के बाद एक सर्विस एरिया के यूजर तीन कामकाजी दिन में अपने नंबर को पोर्ट कर सकेंगे। वहीं, एक सर्कल से दूसरे सर्कल में नंबर पोर्ट कराने के लिए 5 कामकाजी दिन का वक्त लगेगा।

 

यूनीक पोर्टिंग कोड जेनरेट करने की शर्तें

1. ट्राई के नए नियम के आने के बाद यूनीक पोर्टिंग कोड का जेनरेट होना कई शर्तों पर निर्भर करेगा।

2. पोस्ट-पेड मोबाइल कनेक्शन को पोर्ट करने से पहले सब्सक्राइबर को अपने मौजूदा ऑपरेटर के सभी बकायों को खत्म करना होगा।

3. पोस्ट-पेड नंबर को वही यूजर पोर्ट कर सकेंगे जो मौजूदा ऑपरेटर की सर्विस के साथ कम से कम 90 दिनों से जुड़े हों।

4. यूजर को सर्विस छोड़ने से पहले ऑपरेटर द्वारा तय किए गए सभी नियम व शर्तों को पूरा करना होगा जो नंबर लेते वक्त सब्सक्राइबर अग्रीमेंट में दिए गए थे।

5. यूनीक पोर्टिंग कोड (यूपीसी) कुछ इलाकों को छोड़ सभी लाइसेंसी सर्विस एरिया में 4 दिन तक वैलिड रहेगा। जम्मू-कश्मीर, असम, नॉर्थ-ईस्ट में यूपीसी की वैलिडिटी 30 दिन तय की गई है।

6. मौजूदा मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी सिस्टम से नए सिस्टम पर स्विच होने के कारण यह सर्विस 10 दिसंबर से 15 दिसंबर तक के लिए बंद है।

 

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