Category : मनी टिप्स | Sub Category : बैंकिंग Posted on 2019-10-06 12:33:10
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) दिसंबर की द्वैमासिक मौद्रिक समीक्षा में भी ब्याज दरों (Interest Rate) में कमी कर सकता है। ब्रोकरेज कंपनियों का मानना है कि दिसंबर में केंद्रीय बैंक रेपो रेट (Repo Rate) में चौथाई फीसदी की और कमी कर सकता है। फिर बाद में वह कटौती का सिलसिला बंद कर देगा। रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) ने रेपो दर को 0.25 प्रतिशत से घटाकर 5.15 प्रतिशत कर दिया है। केंद्रीय बैंक ने कहा है कि वो वृद्धि को प्रोत्साहन देने तक इस नरम रुख को जारी रखेगा।
दिसंबर माह में हो सकती है रेपो रेट में कटौती
रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति दिसंबर की मौद्रिक समीक्षा में रेपो रेटे को चौथाई प्रतिशत और घटाकर 4.90 प्रतिशत पर लाएगी जा सकती है। अक्टूबर में अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व द्वारा दरों में अतिरिक्त कटौती के हमारे अनुमान से मेल खाता है। रिजर्व बैंक नीतिगत दर में कटौती के सिलसिले को रोकेगा क्योंकि उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति चार प्रतिशत के करीब रहेगी, जिससे दरों में और कटौती की गुंजाइश नहीं बनेगी। उसके बाद मौद्रिक नीति समिति देखेगी कि मौद्रिक रुख में नरमी का क्या असर हुआ है। साथ ही सरकार ने जो घोषणाएं की हैं, उनका क्या प्रभाव पड़ा है।
RBI ने GDP ग्रोथ का अनुमान किया कम
पॉलिसी के बाद RBI गवर्नर शक्तिकांत दास का कहना है कि रिजर्व बैंक ने वित्त वर्ष 2019-20 के लिए जीडीपी ग्रोथ रेट का अनुमान 6.9 फीसदी से घटाकर 6.1 फीसदी कर दिया है। इसके पहले अगस्त में रिजर्व बैंक ने ग्रोथ का अनुमान 7.0 फीसदी से घटाकर 6.9 फीसदी कर दिया गया था।
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