Category : बड़ी खबर | Sub Category : नेशनल Posted on 2019-09-28 12:50:14
नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (सीपीएसई) को 15 अक्टूबर तक वेंडर्स और कंट्रैर्क्स के सभी बकाए का भुगतान करने का निर्देश दिया, जिनमें ज्यादातर एमएसएमई कंपनियां हैं। सरकार खर्च में बढ़ोतरी कर आर्थिक विकास दर को छह साल के निचले स्तर से ऊपर उठाने के लिए जद्दोजहद कर रही है। चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में देश की आर्थिक विकास दर पांच फीसदी दर्ज की गई थी, जो गत छह साल का निचला स्तर है।
गौरतलब है कि सरकार पूंजीगत व्यय में बढ़ोतरी कर विकास दर को छह साल के निचले स्तर से ऊपर उठाना चाहती है। इस साल अप्रैल-जून तिमाही में विकास दर महज 5 फीसदी दर्ज की गई, जो छह साल का निचला स्तर है। सरकार आर्थिक विकास को गति देने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
अगली दो तिमाही में पूंजी व्यय बढ़ाएं कंपनियां
सीतारमण ने बैठक में मौजूद सीपीएसई प्रतिनिधियों से मौजूदा वित्त वर्ष की अगली दो तिमाहियों में पूंजीगत व्यय में तेजी लाने के लिए कहा। उन्होंने व्यय लक्ष्य बढ़ाने और जमीनी स्तर पर इसका क्रियान्वयन सुनिश्चित करने पर जोर दिया। बैठक में यह तय किया गया कि वित्त मंत्रालय इन कंपनियों के पूंजीगत व्यय की स्थिति की नियमित समीक्षा करेगा। उन्होंने कहा कि बकाया भुगतान समय से होना चाहिये। छोटे तथा मझौले आपूर्तिकर्ताओं का बकाया भुगतान जल्द से जल्द करने के लिए विशेष प्रयास किये जाने चाहिए।
कंपनियों ने दिया निवेश का ब्योरा
कंपनियों ने अगस्त, 2019 तक किये गये अपने पूंजीगत व्यय का विवरण वित्त मंत्री के समक्ष रखा और अगली दो तिमाहियों के लक्ष्य से उन्हें अवगत कराया। ONGC ने बताया कि उसने मौजूदा वित्त वर्ष में 32,921 करोड़ रुपये के पूंजी निवेश का लक्ष्य रखा है जिसमेें अगस्त तक 8,777 करोड़ रुपये का निवेश किया जा चुका है।
इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन ने बताया कि उसने 25,083 करोड़ के लक्ष्य में से 8,173 करोड़ रुपये का पूंजीगत व्यय लक्ष्य अगस्त तक हासिल किया है। एनटीपीसी ने 20,000 करोड़ रुपये में से अगस्त तक 8,490 करोड़ रुपये का पूंजी निवेश किया है।
बैठक में शामिल 32 कंपनियों का अगली तिमाही का पूंजीगत व्यय का संयुक्त लक्ष्य 50,000 करोड़ रुपये का है।
कमाई करो कोट