Category : बड़ी खबर | Sub Category : नेशनल Posted on 2019-08-12 05:17:39
नई दिल्ली। सरकार विदेशी निवेश आकर्षित करने के इरादे से ठेके पर विनिर्माण (कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरिंग) के क्षेत्र में 100 प्रतिशत प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) की मंजूरी देने के प्रस्ताव पर काम कर रही है। मौजूदा विदेशी निवेश नीति के अनुसार विनिर्माण क्षेत्र में स्वत: मंजूरी मार्ग से 100 प्रतिशत एफडीआई की अनुमति है। विनिर्माता को भारत में विनिर्मित उत्पादों को बिना सरकार की मंजूरी के ई-वाणिज्य समेत थोक और खुदरा माध्यमों से बेचने की भी अनुमति है।
दुनिया भर में
कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरिंग पर जोर
सूत्रों के अनुसार, मौजूदा नीति में ठेके पर विनिर्माण के बारे में कुछ नहीं कहा गया है और इस बारे में चीजें स्पष्ट नहीं है। दुनिया भर में प्रौद्योगिकी क्षेत्र की बड़ी कंपनियां अनुबंध आधार पर विनिर्माण को पसंद कर रही हैं। इसीलिए इस मामले में स्पष्टीकरण की जरूरत है और सरकार इस पर सकारात्मक रूप से विचार कर रही है।
केंद्रीय मंत्रिमंडल के पास
जाएगा प्रस्ताव
वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय एक प्रस्ताव पर काम कर रहा है जिसे जल्दी ही अंतिम रूप दिया जाएगा और मंजूरी के लिये केंद्रीय मंत्रिमंडल के पास भेजा जाएगा। इस बारे में डेलायट इंडिया के भागीदार रजत वाही ने कहा कि अगर सरकार इस कदम को मंजूरी देती है, इससे विनिर्माण क्षेत्र को गति मिलेगी। यह ऐपल जैसी प्रौद्योगिकी आधारित कंपनियों के लिये स्वागत योग्य प्रस्ताव है।
बजट में दिए थे संकेत
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने विदेशी निवेश आकर्षित करने के इरादे से जुलाई में अपने बजट भाषण में विमानन, एवीजीसी (एनिमेशन, विजुअल इफेक्ट, गेमिंग और कामिक्स), बीमा और एकल खुदरा ब्रांड जैसे क्षेत्रों में एफडीआई नियमों में ढील देने का प्रस्ताव किया था।
साल 2018 में सरकार ने एकल खुदरा ब्रांड, गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों तथा निर्माण समेत विभिन्न क्षेत्रों के लिये एफडीआई नियमों में ढील दी थी।
कमाई करो कोट