कश्मीरियों को मिलेगा रोजगार का मौका

Category : बड़ी खबर | Sub Category : नेशनल Posted on 2019-08-06 09:00:02


कश्मीरियों को मिलेगा रोजगार का मौका

केंद्र सरकार जम्मू और कश्मीर में रोजगार के अवसर पैदा करने के लिए डेयरी और पशुपालन क्षेत्र विकसित करेगा।

तैयार किया जा रहा है रोडमैप

केंद्र सरकार इसके लिए रोडमैप तैयार किया जा रहा है।
हाल ही में, देश के सबसे बड़े डेयरी उत्पादक , गुजरात कोऑपरेटिव मिल्क मार्केटिंग फेडरेशन (GCMMF) के प्रमुख, जो डेयरी उत्पादों के अमूल ब्रांड को बेचता है, आरएस सोढ़ी ने श्रीनगर में राज्यपाल सत्य पाल मलिक से मुलाकात कर उन्हें राज्य में डेयरी विकास की योजनाओं से अवगत कराया।


उच्चस्तरीय वार्ता

सूत्रों के अनुसार, राज्यपाल ने राज्य में दुग्ध सहकारी समितियों को मजबूत करने की इच्छा व्यक्त की।

सोढ़ी, जम्मू और कश्मीर दुग्ध उत्पादक सहकारी लिमिटेड (JKMPCL) के निदेशक मंडल के साथ, राज्य के मुख्य सचिव बीवीआर सुब्रह्मण्यम से भी मिले और डेयरी क्षेत्र के कवरेज का विस्तार करने की इच्छा व्यक्त की।

अमूल एक उच्च स्तरीय प्रौद्योगिकी, प्रबंधन और अधिकतम बिक्री होने वाला दूध का उत्पादक है.

विस्तृत विवरण

भारत सरकार जम्मू-कश्मीर में दूध के क्षेत्र में विकास की योजना तैयार कर रही है. इससे कश्मीरियों को  रोजगार का मौका मिलेगा
इसमें गुजरात कॉपरेटिव मिल्क मार्केटिंग फेडरेशन (जीसीएमएमएफ) सरकार को पूरा सहयोग देगा।
सूत्रों के मुताबिक जीसीएमएमएफ के प्रबंधकों ने कश्मीर के उच्च स्तरीय अधिकारियों से भी मुलाकात की है और कश्मीर के डेयरी जगत में तकनीक सपोर्ट के साथ प्रबंधन एवं दूध खरीदारी सिस्टम को डेवलप करने की इच्छा जताई है। फिलहाल कश्मीर में डेयरी उद्योग से जुड़े लोग काफी कम कमा पाते हैं। क्योंकि वहां दूध उत्पादन की लागत ऊंची है और उन्हें निजी कंपनियों के दूध उत्पादकों से मुकाबला करना पड़ता है। यही वजह है कि कश्मीर के किसान डेयरी के क्षेत्र में दिलचस्पी कम ले रहे हैं।

इसकी प्रोसेसिंग क्षमता प्रतिदिन 50,000 लीटर दूध को प्रोसेस करने की है।

कश्मीर में प्रोसेसिंग क्षमता प्रतिदिन 50,000 लीटर दूध को प्रोसेस करने की है।
कश्मीर की महिलाएं सेल्फ हेल्प ग्रुप के माध्यम से डेयरी के क्षेत्र में काम कर रही है। प्रोसेसिंग यूनिट से प्रोसेस्ड 20-25 हजार लीटर दूध को जेकेएमपीसीएल प्रतिदिन खरीदता है जिसे स्नो कैप के नाम से बेचा जाता है। श्रीनगर एवं आसपास के इलाकों में बिना पैक के दूध की बिक्री की जाती है, लेकिन अभी इन इलाकों में दूध की बिक्री के लिए काफी बड़ा बाजार है। इस बाजार में बटर, चीज, आइसक्रीम एवं पनीर की बिक्री के लिए काफी बड़ा बाजार मौजूद है।



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