प्राइवेट बैंक्स को आगे बढ़ाने के लिए Public Sector Banks को कमजोर कर रही सरकार

Category : बड़ी खबर | Sub Category : नेशनल Posted on 2019-07-19 17:42:37


प्राइवेट बैंक्स को आगे बढ़ाने के लिए Public Sector Banks को कमजोर कर रही सरकार

प्राइवेट बैंक्स को आगे बढ़ाने के लिए पब्लिक बैंक्स को कमजोर कर रही सरकार

बैंक कर्मचारी संघों ने गुरुवार को सरकार पर निजी क्षेत्र के बैंकों को बढ़ावा देने के लिए सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को कमजोर करने और दरकिनार करने का आरोप लगाया।
बैंक कर्मचारी संघों का कहना है कि देश में बैंकों का राष्ट्रीयकरण किए जाने के 50 साल बाद अब यह स्थिति देखने में आ रही है।
बैंको का राष्ट्रीयकरण

आज से लगभग 50 वर्ष पूर्व, दिवंगत पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने अपने कार्यकाल के दौरान विवादस्पद कदम उठाते हुए 19 जुलाई 1969 को अध्यादेश के माध्यम से 14 सबसे बड़े बैंकों का राष्ट्रीयकरण कर दिया था। साल 1980 में छह और निजी बैंकों का राष्ट्रीयकरण किया गया। सरकारी बैंक कर्मचारी संघों के शीर्ष संगठन अखिल भारतीय बैंक कर्मचारी संघ ने कहा कि पिछले पचास सालों में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों ने राष्ट्र निर्माण में अहम भूमिका निभाई है।

संघ ने दावा किया 

बैंकों का योगदान सराहनीय और प्रशंसनीय होने के बावजूद उन्हें आगे बढ़ाने तथा मजबूत करने के बजाय पिछले 28 सालों में 1991 से लेकर अब तक सरकारों ने लगातार ऐसे सुधारों की नीति अपनाई हैं, जो कि सिर्फ सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की भूमिका को कम कर रही हैं और उन्हें कमजोर बना रही है।

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार का असली इरादा निजीकरण का और बैंकों को कंपनियों, कारोबारी घरानों और पूंजीपतियों को सौंपने का है। संघ ने आरोप लगाया, सरकारी बैंकों को दिरकिनार करने की कोशिश की जा रही है। सरकार निजी क्षेत्र की बैंकिंग को प्रोत्साहित करने और सार्वजनिक बैंकों को कमजोर करने के उद्देश्य से कंपनियों और औद्योगिक घरानों को अपने बैंक शुरू करने के लिए खुली छूट दे रही है।

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