Category : मनी टिप्स | Sub Category : टैक्स Posted on 2019-06-23 05:33:22
नई दिल्ली।
Income Tax Return: अगर आपकी इनकम, टैक्स के दायरे में आती है तो आईटीआर (ITR) फाइल करना जरूरी है। हालांकि अगर इनकम इसके दायरे में नहीं आती है, तो भी आप आईटीआर (ITR) फाइल कर सकते हैं। आईटीआर फाइल करने से आप भविष्य में होने वाली कई मुश्किलों से बच सकते हैं। हम आपको बता रहे हैं कि टैक्सेबल इनकम (Taxable Income) के दायरे में नहीं आने के बावजूद आईटीआर (ITR) फाइल करना क्यों आपके लिए फायदेमंद है। जानें 10 फायदे
1. क्लेम कर सकते हैं टैक्स रिफंड
अगर आप टैक्स रिफंड (tax refund) क्लेम करना चाहते हैं तो उसके लिए आपको टैक्स रिटर्न फाइल करना ही होगा। ऐसा नहीं करने पर आपको टैक्स रिफंड भूलना ही पड़ेगा।
2. घाटे को नहीं कर पाएंगे एडजस्ट
आयकर कानून आपको भविष्य में होने वाले कुछ नुकसान को आगे ले जाने और उसे समायोजित करने की अनुमति भी देता है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि घाटे को लगातार 8 वर्षों तक आगे बढ़ाया जा सकता है, ताकि भविष्य में पूंजीगत लाभ के बदले इसे समायोजित किया जा सके और टैक्सपेयर्स को टैक्स में छूट का फायदा मिले। हालांकि इसके लिए तय समय सीमा में आईटीआर फाइल करना जरूरी है।
3. आसान लोन और क्रेडिट कार्ड
जब भी आप कार लोन या होम लोन के लिए अप्लाई करेंगे तो ज्यादातर बैंक आपसे पिछले 2-3 साल की आईटीआर रिपोर्ट मांगेंगे। इससे बैंक आपकी वित्तीय स्थिति और लोन को चुकाने की क्षमता का अंदाजा लगाते हैं। यदि आप अपनी लोन एप्लीकेशन के साथ आईटीआर की कॉपी भी देते हैं तो आपके लोन की जल्दी प्रोसेस होने के चांस बढ़ जाते हैं। इसी तरह क्रेडिट कार्ड कंपनियां भी कार्ड जारी करने से पहले आईटीआर की कॉपी को प्राथमिकता देती हैं।
4. वीजा प्रोसेस में आसानी
अगर आप किसी दूसरे देश में जाकर नौकरी की संभावनाएं तलाशना चाहते हैं तो खुद को पहले से ही इसके लिए तैयार कर लें। जानकारों का कहना है कि ज्यादातर विदेशी दूतावास वीजा इंटरव्यू के समय आपके पिछले 2 साल की आटीआर की कॉपी मांग सकते हैं। खास तौर पर यूएस, यूके, कनाडा और यूरोप के वीजा के लिए अप्लाई करते समय यह जरूरी है।
5. हाई लाइफ कवर
आजकल 50 लाख या 1 करोड़ रुपये का लाइफ कवर लेना आम हो गया है। लेकिन ये कवर आपकी इनकम वेरिफाई करने वाले डॉक्युमेंट देखने के बाद ही मिलेगा। ऐसे में अगर आप भी हाई लाइफ कवर लेना चाहते हैं तो आपको आईटीआर कॉपी देनी होगी।
6. पेनल्टी भरने से बचें
अगर आपको कानून के तहत रिटर्न फाइल करने की जरूरत है और आप ऐसा करने से चूक गए हैं तो सेक्शन 271एफ के तहत आप पर 5000 रुपये का जुर्माना भी लग सकता है।
7. अतिरिक्त ब्याज देने से बचें
अगर आप पर थोड़ा टैक्स बनता है और आपने अब तक टैक्स रिटर्न फाइल नहीं किया है तो आपको अपने टैक्स के साथ कुछ प्रतिशत ब्याज भी देना पड़ सकता है। 234ए के तहत आने वाला जुर्माना भी देना पड़ सकता है। ऐसे में समय पर रिटर्न फाइल करना इसलिए भी जरूरी है।
8. रिवाइज्ड रिटर्न
अगर आप समय पर ऑरिजनल रिटर्न फाइल करते हैं तो आपको खुद-ब-खुद अपना टैक्स रिटर्न फाइल करने का मौका मिल जाता है। अगर ऑरिजनल रिटर्न फाइल करते हुए आपसे कोई चूक हो गई है तो उसे रिवाइज्ड रिटर्न में ठीक किया जा सकता है।
9. अड्रेस प्रूफ
अगर आप अपना रिटर्न समय पर और नियमित फाइल करते हैं तो असेस्मेंट ऑर्डर को आधार या पासपोर्ट के लिए अप्लाई करते हुए अड्रेस प्रूफ के तौर पर इस्तेमाल किया जा सकता है।
10. हाई वैल्यू ट्रांजेक्शन
अगर आप समय पर और नियमित टैक्स रिटर्न फाइल करते हैं तो यह आपकी फाइनैंशल बैकग्राउंड को काफी मजबूत बनाएगा। ऐसे में अगर आप को ज्यादा रकम वाला लेन-देन करते हैं, जैसे प्रॉपर्टी खरीदना या बेचना, बैंक में कैश जमा करना, म्यूचुअल फंड में इन्वेस्ट करना आदि, तो आपको इनकम टैक्स का नोटिस नहीं आएगा।
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