Category : बड़ी खबर | Sub Category : नेशनल Posted on 2019-06-12 04:54:38
नई दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) एनईएफटी (NEFT) और आरटीजीएस (RTGS) पर लगने वाले चार्ज खत्म करने के बाद अब एटीएम मशीन से पैसे के विद्ड्राल पर लगने वाले हर तरह के शुल्क को खत्म कर सकता है। दरअसल, आरबीआई (RBI) ने मंगलवार को ऑटोमेटेड टेलर मशींस (ATM) के इस्तेमाल पर लगने वाले चार्जेस के रिव्यू के लिए एक कमेटी का गठन किया है।
आरटीजीएस और एनईएफटी पर चार्जेस हुए खत्म
आरबीआई ने हाल में ही आरटीजीएस और एनईएफटी के जरिए फंड ट्रांसफर पर शुल्क खत्म कर दिए थे। डिजिटल ट्रांजेक्शन को बढ़ावा देने के लिए यह फैसला लिया गया। बैंकों से कहा गया है कि वे ग्राहकों को इसका फायदा दें। आरबीआई ने कहा कि यह फैसला 1 जुलाई से लागू हो जाएगा। आरबीआई के आंकड़ों के मुताबिक इस साल अप्रैल में एनईएफटी के जरिए 20.34 करोड़ ट्रांजेक्शन हुए। इस दौरान आरटीजीएस के जरिए 1.14 करोड़ लेन-देन हुए थे।
दो महीने के भीतर जमा करनी होगी रिपोर्ट
आरबीआई की वेबसाइट पर जारी एक बयान के मुताबिक, यह कमेटी पहली मीटिंग के दो महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट जमा करेगी। इसी महीने हुई बाई-मंथली मॉनिट्री पॉलिसी में केंद्रीय बैंक ने कहा था कि एटीएम (ATM) इंटरचेंज फी स्ट्रक्चर की समीक्षा के लिए एक कमेटी का गठन किया जाएगा। इसका उद्देश्य एटीएम सुविधा से वंचित क्षेत्रों में एटीएम फैसिलिटी को बढ़ावा देना था।
आईबीए के सीईओ होंगे अध्यक्ष
आरबीआई ने डेवलपमेंटल और रेग्युलेटरी पॉलिसीज पर जारी बयान में कहा कि इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर की अध्यक्षता में बना पैनल एटीएम चार्जेस और फीस की समीक्षा करेगा।
कमेटी में ये लोग हैं शामिल
इस कमेटी में आईबीए के चीफ एग्जीक्यूटिव वी जी कन्नन के अलावा नेशनल पेमेंट कॉर्पोरेशन के सीईओ दिलीप अस्बे, एसबीआई के सीजीएम गिरि कुमार नायर, एडीएफसी बैंक के ग्रुप हेड (लायबिलिटी प्रोडक्ट्स) एस सम्पत कुमार, कन्फेडरेशन ऑफ एटीएम इंडस्ट्री के डायरेक्टर के श्रीनिवास और टाटा कम्युनिकेशंस पेमेंट सॉल्युशंस के सीईओ संजीव पटेल शामिल हैं।
कमाई करो कोट