Category : बड़ी खबर | Sub Category : नेशनल Posted on 2019-05-26 12:31:53
नई दिल्ली। ETF launch: वित्त मंत्रालय (Finance Ministry) चालू वित्त वर्ष में सरकारी बैंकों और वित्तीय संस्थानों के शेयरों को लेकर एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ETF) पेश करने की तैयारी कर रहा है। मंत्रालय इसकी व्यवहार्यता का पता लगाने के लिए जल्दी ही एक सलाहकार नियुक्त करेगा। एक सरकारी अधिकारी ने यह जानकारी देते हुए कहा कि CPSE (केंद्रीय उपक्रम) ETF और भारत-22 ETF की सफलता के बाद सरकार सरकारी बैंकों व वित्तीय संस्थानों के शेयरों को मिलाकर ETF लाने के साथ ही इसका दायरा बढ़ाने की योजना बना रही है।
खासे सफल रहे थे पिछले दो ईटीएफ
सरकार ने पिछले दो ETF की अच्छी मांग को देखते हुए बैंक ईटीएफ पेश करने की योजना बनाई है। सरकार ने भारत-22 ETF की दो किस्तों के माध्यम से 32,900 करोड़ रुपए जुटाए थे। इसके अलावा CPSE ETF के जरिए पांच किस्तों में 38,000 करोड़ रुपए जुटाए जा चुके हैं। अधिकारी ने कहा, ‘हम आने वाले समय में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के बही-खातों को मजबूत करने की उम्मीद करते हैं। ETF उन निवेशकों को विभिन्न बैंकों का शेयर एक वित्तीय उत्पाद के जरिए लेने का विकल्प देगा, जो जोखिम लेने से बचते हैं।
मार्केट में लिस्ट हैं 19 सरकारी बैंक
फिलहाल सार्वजनिक क्षेत्र की दो बीमा कंपनियां, जनरल इंश्योरेंस कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया और न्यू इंडिया इंश्योरेंस कंपनी लि. व सार्वजनिक क्षेत्र के 19 बैंक शेयर बाजारों में सूचीबद्ध हैं। इसके अलावा वित्तीय संस्थान IFCI भी शेयर बाजार में सूचीबद्ध है।
भारत-22 ETF के बारे में
भारत-22 ETF वित्त वर्ष 2017-18 में शुरू किया गया था। इसमें 16 केंद्रीय लोक उपक्रम हैं। इसमें तीन सरकारी बैंक और तीन निजी क्षेत्र की कंपनियां हैं, जहां सरकार की अल्पांश हिस्सेदारी है। वहीं CPSE-ETF में ONGC, कोल इंडिया, इंडियन ऑयल, पावर फाइनेंस जैसी 11 कंपनियों के शेयरों को रखा गया है।
CPSE विनिवेश से 90000 करोड़ जुटाने का लक्ष्य
सरकार ने चालू वित्त वर्ष में केंद्रीय लोक उपक्रमों में विनिवेश के जरिए 90,000 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा है। पिछले वित्त वर्ष 2018-19 में विनिवेश के जरिए 84,972 करोड़ रुपए जुटाये गए।
कमाई करो कोट