Category : मनी टिप्स | Sub Category : पीएफ Posted on 2019-05-12 04:33:51
किसी भी कंपनी के लिए इंप्लॉइज के इम्प्लॉई
प्रोविडेंट फंड (Provident Fund) में योगदान करने का प्रावधान है। कंपनी
के PF योगदान में से एक हिस्सा इंप्लॉई की पेंशन यानी इम्प्लॉई पेंशन स्कीम
(EPS) में जाता है। इस पेंशन का फायदा इंप्लॉई को
रिटायरमेंट के बाद मिलता है। लेकिन यह पेंशन स्कीम केवल इंप्लॉई को ही पेंशन का
लाभ नहीं देती है बल्कि EPF मेंबर का निधन हो जाता है तो उसके
परिवार यानी पत्नी या पति और बच्चों को भी पेंशन का फायदा मिलता है। इसे ही फैमिली
पेंशन कहते हैं। इसका फायदा लेने के लिए कर्मचारी का न्यूनतम 10
साल लगातार नौकरी करना जरूरी है।
कर्मचारी कब
होता है पेंशन का हकदार?
EPS का लाभ लेने के
लिए कर्मचारी का मिनिमम 10 साल लगातार नौकरी करना जरूरी है। इस
पेंशन में केवल कंपनी योगदान देती है। यह PF में कंपनी
द्वारा किए जाने वाले 12 फीसदी योगदान का 8.33
फीसदी होता है। साथ ही सरकार भी इसमें योगदान देती है, जो
बेसिक सैलरी के 1.16 फीसदी से ज्यादा नहीं होता। ईपीएफ मेंबर
रिटायरमेंट के अलावा पूरी तरह से डिसेबल हो जाने पर भी इस पेंशन को लेने का हकदार
होता है।
फैमिली पेंशन के
लिए सर्विस की नहीं है लिमिट
EPF ने फैमिली पेंशन
के लिए न्यूनतम 10 साल की सर्विस अनिवार्यता नहीं रखी है। यानी 10 साल पूरा होने
से पहले भी अगर इंप्लॉई की मौत हो जाती है तो उसके परिवार को पेंशन का लाभ मिलेगा।
लेकिन इंप्लॉई को पेंशन तभी मिलती है, जब उसने कम से
कम 10 साल की नौकरी की हो।
किसे मिलेगी
फैमिली पेंशन
मेंबर इंप्लॉई के मरने के बाद उसकी पत्नी
या पति को पेंशन मिलती है।
अगर इंप्लॉई के बच्चे हैं तो उसके 2
बच्चों को भी 25 साल की उम्र तक पेंशन मिलती है। इसमें सगे, गोद
लिए बच्चे शामिल हैं।
अगर इंप्लॉई शादीशुदा नहीं है तो उसके
द्वारा PF व पेंशन के लिए बनाए गए नॉमिनी को जिंदगीभर
पेंशन मिलती है।
अगर किसी की हैं
दो पत्नी
अगर किसी इंप्लॉई की दो पत्नियां हैं
तो मृत्यु के बाद पेंशन की हकदार उसकी पहली पत्नी होगी। पहली पत्नी की मृत्यु के
बाद उसकी दूसरी पत्नी को यह पेंशन मिलेगी।
अगर इंप्लॉई की
पत्नी या पति कर ले दूसरी शादी
अगर मृत इंप्लॉई की पत्नी या पति की
भी मौत हो जाए या फिर वह दूसरी शादी कर ले तो उसके बच्चों को पेंशन का लाभ मिलता
रहता है। मृत इंप्लॉई के किसी भी तरह की परमानेंट डिसएबिलिटी से ग्रस्त बच्चे को
पेंशन का लाभ पूरी जिंदगी दिया जाता है।
अगर नहीं बनाया
कोई नॉमिनी
अगर मेंबर इंप्लॉई शादीशुदा नहीं है और
न ही उसने किसी को PF और पेंशन में नॉमिनी बनाया है तो ऐसे में पेंशन
के हकदार मृत इंप्लॉई पर निर्भर उसके मां या पिता होंगे। अगर पिता की मौत हो जाती
है तो उसके बाद पेंशन मृत इंप्लॉई की मां को उनकी मृत्यु तक मिलती है।
कमाई करो कोट