इन 5 तरीकों से चुकाएं क्रेडिट कार्ड का लोन, नहीं देनी होगी पेनल्टी

Category : मनी टिप्स | Sub Category : बैंकिंग Posted on 2019-04-16 05:40:59


इन 5 तरीकों से चुकाएं क्रेडिट कार्ड का लोन, नहीं देनी होगी पेनल्टी

Credit card EMI : क्रेडिट कार्ड पर तरह-तरह के ऑफर्स मिलने से कई बार पता ही नहीं चलता कि कब आपने अपनी जेब से ज्यादा खर्च कर दिया और कब आप कर्ज में फंस चुके हैं। क्रेडिट कार्ड की बकाया रकम पर ब्याज लगने से कर्ज की राशि और तेजी से बढ़ने लगती है। ऐसे में आप पूरा कर्ज एक बार में भले ही ना चुका पा रहे हों लेकिन नीचे बताए गए इन आसान तरीकों से आप अपने कर्ज से आसानी से छुटकारा पा सकते हैं।

 

बकाया रकम को EMI में बदलें

कई कंपनियां क्रेडिट कार्ड पर साल का 47 फीसदी तक का ब्याज लेती हैं। बकाया राशि ना चुकाने पर इंटरेस्ट लगने से ये राशि बढ़ती ही जाती है। ऐसे में अपनी बकाया रकम को EMI में बदलवाएं। कई सारी कंपनियां ट्रांजेक्शन का पैसा EMI में चुकाने की इजाजत देती है। सोचिए अगर कुछ बकाया रकम का हिस्सा EMI में तब्दील हो जाती है तो 47 फीसदी का ये ब्याज आपको सिर्फ थोड़ी रकम पर ही देना पड़ेगा। और बची हुई EMI पर सिर्फ 12 से 24 फीसदी तक का ब्याज ही देना होगा। ब्याज की ये रकम ही आपकी बकाया राशि को कम करने में काफी मदद कर सकती है।

क्रेडिट कार्ड बैलेंस ट्रांसफर

इस सुविधा के तहत आप अपनी क्रेडिट कार्ड की बकाया राशि को दुसरे क्रेडिट कार्ड में ट्रांसफर करा सकते हैं जिसमें ब्याज दरें कम हो. बहुत सी कंपनियां क्रेडिट कार्ड के प्रोमोशनल इंटरेस्ट पीरियड के दौरान बहुत ही मामूली ब्याज दरें वसूलती हैं. ये प्रोमोशनल इंटरेस्ट पीरियड 2 से 6 महीने के बीच तक का समय होता है. कुछ कंपनियां इस ट्रांसफर बैलेंस को EMI में भी चुकाने की अनुमति देती हैं।

 

बैलेंस ट्रांसफर में 2 फीसदी की प्रोसेसिंग फीस देनी पड़ती है। EMI सुविधा के तहत प्रीपेमेंट करने पर 3 फीसदी की प्रीपेमेंट फीस भी देनी होती है। नई ट्रांजेक्शन्स पर इंटरेस्ट फ्री पीरियड तब तक लागू नहीं होगा जब तक आप ट्रांसफर कराई गई पूरी पेमेंट का भुगतान नहीं कर देते. हालांकि ट्रांसफर अमाउंट EMI में बदलवाने पर इंटरेस्ट प्री पीरियड लागू होगा।

 

कम ब्याज दरों का लोन लें

क्रेडिट कार्ड के मुकाबले पर्सनल लोन और गोल्ड लोन की ब्याज दरें कम होती है. जहां किसी क्रेडिट कार्ड की ब्याज दरें 18 से 48 फीसदी होती हैं. वहीं पर्सनल लोन की ब्याज दरें 11 से 24 फीसदी तक होती हैं। अगर क्रेडिट कार्ड स्कोर कम होने की वजह से किसी को पर्सनल लोन नहीं मिल पाता है तो वह सिक्योर्ड लोन्स जैसे गोल्ड लोन या सामान गिरवी रखकर भी लोन ले सकते हैं।

 

कम फायदे वाले निवेश को तोड़ें

क्रेडिट कार्ड की बकाया रकम पर लगने वाली ब्याज दरें बैंक डिपॉजिट, डेट फंड्स और बॉन्ड्स पर मिलने वाले ब्याज से कई ज्यादा होती हैं. ऐसे में आप किसी ऐसे फंड को तुड़वाकर जिसपर ज्यादा ब्याज ना मिलता हो, क्रेडिट कार्ड की बकाया रकम चुका सकते हैं. लेकिन अपने इमरजेंसी फंड्स को बचा कर रखें।

 

लॉन्ग टर्म इंवेस्टमेंट का फायदा

अपने लॉन्ग टर्म निवेश को तुड़वाने की बजाय उन्हें गिरवी रखकर लोन लें. ऐसे लोन पर ब्याज दरें बेहद कम होती हैं. कम ब्याज दरों पर लोन लेकर आप ज्यादा ब्याज दरों वाला क्रेडिट कार्ड का बकाया आसानी से चुका सकते हैं

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